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सरकारी व प्राईवेट अल्ट्रसाउंड की रिपोर्ट ने बढाई गर्भवती महिला की परेशानी

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सरकारी में एक तो प्राइवेट अस्पताल में गर्भवती के पेट में बताए दो बच्चे
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सरधना। सरकारी अल्ट्रासाउंड व प्राइवेट अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट को लेकर एक नवाबगढ़ी निवासी नौ महीने की गर्भवती महिला खासी परेशान हैं। महिला ने 28 अगस्त को सरकारी अस्पताल से पर्ची कटवाकर सरकारी अल्ट्रसाउंड सेंटर पर चेकअप कराया तो उसके पेट में एक बच्चा बताया, जबकि महिला दो बच्चों के पेट में होने का अंदेशा जता रही थी। दोबारा से महिला ने सीएचसी पहुंचकर दोबारा से चेकअप कराने की बात कही और दोबारा से सवा दौ सौ रुपये जमा करके पर्ची कटवाई और कृपाओं की माताओं के अस्पताल में लगे सरकारी अस्पताल के अंडर में काम कर रहे अल्ट्रासाउंड पर जाकर चेकअप कराया तो फिर भी एक ही बच्चा महिला के गर्भ मेें होने की बात जांच रिपोर्ट में आई। महिला ने पांच अक्तूबर को नगर के प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर चेकपअ कराया तो पेट में दो बच्चे होने की जांच रिपोर्ट आई। जिसके बाद 11 अक्तूबर को महिला ने फिर से सरकारी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर चेकअप कराया तो जांच रिपोर्ट में दो बच्चे होना बताया। नवाबगढ़ी निवासी महिला हसीना पत्नी गुफरान का कहना है कि सब सरकारी जांच रिपोर्ट पर विश्वास करते हैं, लेकिन वह किस जांच रिपोर्ट पर विश्वास करें। नवाबगढ़ी की आशा साहिस्ता ने इस मामले की शिकायत सीएचसी प्रभारी डॉ. श्रीराम प्रेमी से की साथ ही सीएमओ से भी मामले की शिकायत की। शिकायत पर मामले की जांच बैठ गई है और सीएचसी प्रभारी डॉ. श्रीराम प्रेमी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में अल्ट्रासाउंड संचालिका सिस्टर लीजा से बात की जाएगी। इस मामले में कार्रवाई कराई जाएगी। हालांकि अभी महिला ने बच्चों को जन्म नहीं दिया। इस संबंध में सिस्टर लीजा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य बात है, कभी-कभी जांच रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती हैं।
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