सरधना। सलावा-कपसाड़-मिलक रजवाहा कई वर्षों से सफाई नहीं होने पर ओवरफ्लो होकर चलता है। जिस कारण कई बार रजवाहा की पटरी टूटने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी रजवाहे की सफाई नहीं करा रहे हैं। कुलंजन में तो रजवाहा काफी संकरा हो गया है। रजवाहा इसके चलते माइनर के रूप में दिखाई पड़ता है। कुलंजन में रजवाहा की पटरी पर ज्वार की फसल तक अतिक्रमण करके उगा रखी है। यदि जल्द रजवाहा की सफाई नहीं कराई गई तो उसकी पटरी फिर से टूट सकती हैं।