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शाति विधान।

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धन संपत्ति के विचारों को त्यागकर मन में लाए धार्मिक भावनाएं
हस्तिनापुर। तीर्थ क्षेत्र के प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान के नौवें दिन मुख्य मंदिर में भगवान का अभिषेक किया गया। मंगलाष्टक, दिग्बंधन, पात्र शुद्धि, स्थल शुद्धि, सकलीकरण की क्रियाएं की गई। इसके बाद पांडुक शिला पर शांतिनाथ भगवान की जिन प्रतिमा को विराजमान किया। उसके बाद शांतिधारा की बोली प्रारंभ हुई। आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य पवन कुमार जैन, अजय जैन, वत्सल जैन व शांतिधारा में सहयोग लक्ष्मी मदन लाल नेे किया। सुनीता दीदी ने महामंत्रों के साथ जगत की शांति के लिए शांतिधारा कराई। क्षेत्र पर विराजमान मुनि समाधि सागर जी महाराज, भाव भूषण जी महाराज, के मुखार बिंद से मंगलमय प्रवचनों का लाभ श्रद्धालुओं को मिल रहा हैं। मुनि जी ने कहा है कि मंदिर में घरेलू कामकाज तथा धन संपत्ति के विचारों को त्याग कर अत्यंत शांतिपूर्वक धार्मिक भावनाएं ही मन में लानी चाहिए। व्यावहारिक कार्य और घरेलू चर्चा मंदिर में नहीं करनी चाहिए। यह पाप का कारण है। धार्मिक मर्यादाओं के पालन से पुण्य बंद होने के साथ-साथ जीवन भी सफल होता है। साधनामय जीवन बार-बार नहीं मिलता उन्नति के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है, जो इसके मूल्य को समझता है वह कितनी ही बाधाएं, उपसर्ग, परिशह क्यों न आए उन्हें सहर्ष स्वीकार कर अपने साधना पथ पर आगे बढ़ता चला जाता है। स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में भूगर्भ से प्राप्त अतिशयका शांतिनाथ भगवान के सामने बनाए गए मांडले पर विधान के आठवें दिन 90 परिवारों द्वारा अर्घ व फल चढाएं। विद्वान पं. कमलेश जैन ‘शास्त्री’ जैन दर्शनाचार्य व पं. आशीष जैन शास्त्री इस विधान को संपन्न करा रहे हैं। आज विधान में सुबोध जैन, सुशील जैन, विवेक जैन, सुशील जैन, सतेंद्र कुमार जैन, महेंद्र जैन, प्रेमचंद्र जैन अनिल जैन पवन जैन, संजय जैन, प्रज्ञा जैन राकेश जैन, राजेंद्र कुमार जैन, विनय जैन, श्यामलाल जैन एडवोकेट आदि श्रद्धालु पधारें। बेला में आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता हुई। जिसके पुरस्कार संतोष जैन ने दिए। महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार जैन, उपाध्यक्ष सतेंद्र कुमार जैन, प्रवीण कुमार जैन, मोतीलाल जैन ‘लंदन वाले’ नवीन कुमार जैन, अरूण कुमार जैन, मुजफ्फरनगर, अभय कुमार जैन, अतुल जैन, विनय कुमार जैन, मवाना, विजय कुमार जैन, जितेंद्र कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन महाप्रबंधक उमेश जैन, अतुल जैन, कमल जैन, मणिचंद जैन, सुदर्शन जैन आदि का सहयोग रहा।

खास बातें:
प्राचीन बड़ा मंदिर पर चल रहा है 40 दिवसीय शांति विधान
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