‘उसका दरवाजा बन्द पाया तो...’
मेरठ। कारवाने नोजवां मेरठ के तत्वावधान में कमाल काजिम के आवास मुफ्ती वाड़ा में बुधवार शाम मुशायरे का अयोजन हुआ। नदीम माहिर की अध्यक्षता एवं सैय्यद गुफरान अहमद राशिद के संचालन में हुए मुशायरे का आगाज वारिस वारसी के नातेपाक से हुआ। शुभारंभ काजी जैनुर राशिद्दीन ने किया। इस मौके पर नदीम माहिर ने हामिद उल्ला अफसर मेरठी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने पढ़ा, ‘उसका दरवाजा बन्द पाया तो, दस्तकों के निशान छोड़ आये’। डा. मुकर्रम अदना ने पढ़ा, ‘लबों पे फूल रखते हैं, दिलों में खार रखते हैं, हमारा हौसला देखो हम ऐसे यार रखते हैं’। इसके अलावा शायर शराफत अली दिलकश, गुफरान राशिद, आमिर फराख, अशोक साहिल ने भी अपने कलाम पढ़े। आदिल चौधरी, मो. आमिर इकबाल, काजी नवेद सिद्दीकी, मो. जावेद आदि का सहयोग रहा।