मवाना। मंदिर की जमीन पर टॉयल्स बनाने की फैक्ट्री लगाए जाने के मामले में सुनीत रस्तोगी ने कहा कि मंदिर की जमीन को कामर्शियल प्रयोग के लिए दिया जाना कानून अपराध है। वे इस संबंध में सोमवार को उपजिलाधिकारी से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। सुनीत रस्तोगी ने जारी बयान में कहा कि वे मंदिर में 1996 से केवल पुजारी का काम देखते हैं। उनका प्रबंध समिति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जो समिति विधि मान्य नहीं है। उसका मंदिर की भूमि को कामर्शियल प्रयोग के लिए दिया जाना कानूनन अपराध है। मंदिर सार्वजनिक संपत्ति है। उन्होंने तथाकथित कमेटी पर मंदिर के दान और किराए के रुपये गोलमाल और हजम करने का आरोप लगाया है। सुनीत रस्तोगी ने आशंका जताई कि उसकी हत्या की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वे सोमवार को उपजिलाधिकारी से मिलकर पक्ष रखेंगे तथा जांच की मांग करेंगे।