मोदीपुरम। श्री देव मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ अमृत वर्षा के दूसरे दिन बुधवार की कथा में कथाचार्य श्री नारायणाचार्य जी ने महाभारत का विस्तार से वर्णन सुनाया। उन्होंने राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित ने सात दिन भागवत सुनकर किस तरह अपना उद्धार कर लिया। उसी तरह प्रत्येक व्यक्ति को भागवत का महत्व समझना चाहिए। भागवत अमृत रूपी कलश है। जिसका रसपान करके आदमी अपने जीवन को कृतार्थ कर लेता है। इसलिए जहां भी भागवत होती है। मनुष्य को आसपास की भागवत में जरूर शामिल होना चाहिए। नारायणाचार्य ने अभिमन्यु के पुत्र राजा परीक्षित की कहानी विस्तार से सुनाई। कथा में मुख्य यज्ञमान यशपाल मलिक, राज सिंह और राजवीर सिंह रहे। इस दौरान निरंजन, वासुदेव, सुभाष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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