मोदीपुरम। आर्य समाज पल्लवपुरम के तत्वावधान में श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम का शुभांरभ शुक्रवार को किया गया। होशगाबाद मध्यप्रदेश से आए प्रसिद्ध वैदिक विद्वान योगेंद्र याज्ञिक ने आर्य समाज की स्थापना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म की एकरूपता किसी भी समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। इसके लिए हम सभी का कर्तव्य है कि हम ऋषि मुनियों द्वारा रचित वेदों के मार्ग पर चलें। आज समाज की सबसे बड़ी विडंबना है कि हम अलग-अलग मतों, पंथों आदि में बंटकर अपने मूल मार्ग से भटक गए हैं। अंजली आर्य करनाल के भजनों के माध्यम से आर्य समाज द्वारा समाज के उत्थान में महर्षि दयांनद सरस्वती में योगदान पर प्रकाश डाला। विक्रम सिंह, नरेंद्र सिंह सिरोही, डॉ. विपिन कुमार, ओमप्रकाश अहलावत, डॉ. एसडी धीमान, राजकुमार तोमर, मनोज मलिक, सुमन, रेनू, सरला तोमर, आदि का योगदान रहा।