मोदीपुरम। वेटनरी कॉलेज को छह साल से मान्यता नहीं मिली है, फिर भी साल के चार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में वेटनरी कॉलेज 2008 में बना था। कॉलेज को सशर्त मान्यता 2011 में मिली थी। कॉलेज ने वेटनरी काउंसिल के मानक पूरे नहीं किए गए तो फिर मान्यता नहीं दी। इस बार मान्यता की उम्मीद थी, लेकिन वह भी नहीं मिली। विवि प्रबंधन ने फिर भी एडमिशन के लिए परीक्षा दिला दी। एंट्रेंस पास करने वाले छात्र जब दाखिले के लिए गए तो उन्हें मान्यता न होने की जानकारी मिली। इससे वह मायूस होकर लौट गए। विवि प्रशासन भी मान्यता के लिए गंभीर नहीं है। विवि के कुलपति डॉ. गया प्रसाद का कहना है कि वेटनरी कॉलेज को मान्यता के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। पूर्व में सचिव ने निरीक्षण भी किया था, तब कुछ ठीक मिला है। वेटनरी कॉलेज में जो पदों पर भर्ती हुई थी, उनका मामला शासन में अटका हुआ है, अभी तक वहां से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। कॉलेज के मान्यता के लिए फिर से वीसीआई को पत्र लिखा जाएगा।
एक साल में खर्च
कॉलेज में सैलरी पर खर्च - 3 करोड़ रुपये
दैनिक श्रमिक खर्च - 25 लाख
साफ सफाई खर्च- 25 लाख
बिजली, सुरक्षा और अन्य - 40 लाख