शीतलहर बनी दुश्मन, तीन दिन में 70 बुजुर्गों की मौत
मेरठ। हाड़ कंपाने वाली ठंड बुजुर्गों की जान की दुश्मन बनी है। इसकी हकीकत सूरजकुंड श्मशान पर देखी जा सकती है। यहां बुजुर्गों की इनदिनों इतनी अर्थियां आ रही हैं कि शव यात्रा में शामिल होने वालों की भीड़ के कारण श्मशान घाट में पैर रखने को जगह नहीं है। पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद लगातार बर्फीली हवा चल रही है। इसका सबसे अधिक असर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों पर देखने को मिल रहा है। अगर पिछले तीन दिन की ही बात करें, तो पूरे शहर में 70 से ज्यादा बुजुर्गों की मौत हो चुकी है, इनमें से अधिकतर ठंड के कारण ही हुई हैं। अकेले सूरजकुंड श्मशान घाट पर प्रतिदिन 10-15 शव पहुंच रहे हैं।