शिव महापुराण के सातवें दिन नारद प्रसंग का चित्रण
मेरठ। श्री रामा संकीर्तन मंदिर लालकुर्ती के तत्वावधान में आयोजित 41 दिवसीय शिव महापुराण के सातवें दिन कथा व्यास द्वारा नारद प्रसंग का सजीव चित्रण किया गया। कथा व्यास पंडित हरीश उनियाल ने कहा कि जब नारद जी ने भगवान की माया से प्रेरित होकर भगवान विष्णु को श्राप दे दिया तब भगवान शिव ने अपनी माया वापिस खींच ली और नारद शुद्धि-बुद्घि हो गए। इसके बाद नारद अपने आपको, अपनी वाणी, अपने कर्तव्य और अपने कुल गोत्र को धिक्कारने लगे जब वह बार-बार विष्णु भगवान के आगे पश्चयताप करने लगे। कथा से पहले विद्वान पंडित प्रभुदत्त शर्मा ने कविता मारवाह व उमा साहू से मुख्य पूजन कराया जिसके बाद भजनों के माध्यम से वातावरण गुंजायमान हो गया। ट्रस्ट के महामंत्री सुरेश छाबड़ा ने पार्वती के तप की चर्चा करते हुए आज के सामाजिक पतन की ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया।