मेरठ। आर्य समाज मंदिर बुढ़ाना गेट में साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। जिसमें जयपाल बंसल ने प्रवचन करते हुए कहा कि संसार में तीन अनादि हैं ईश्वर, जीवात्मा और प्रकृति। परमात्मा और प्रकृति पूर्ण हैं। जीवात्मा को दोनों की भौतिकवाद और अध्यात्मवाद की आवश्यकता है। विवेकशील व्यक्ति ही आत्मतत्व का चिंतन कर सकता है। आध्यात्मिक संपदा इकट्ठा करने से क्लेश से छुटकारा मिलता है। इस अवसर पर दिव्येश गुप्त, अशोक सुधाकर, अमित कांत, सोमप्रकाश, रविंद्र सराफ, ओमप्रकाश जौहरी, राजवंशी आदि मौजूद रहे।