ट्यूशन पढ़ने आई छात्रा से दुष्कर्म करने के दोषी को 14 साल का कारावास
मेरठ। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम रामकिशोर पांडेय की अदालत ने दुष्कर्म के दोषी प्रेमप्रकाश पुत्र हरकेश निवासी रिठानी को दोषी पाते हुए 14 वर्ष के कारावास और 21 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक के अभियोजक नरेंद्र चौहान व कुलदीप मोहन के अनुसार, पीड़ित की ओर से थाना परतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग बहन कक्षा 10वीं की छात्रा है, जो आरोपी से ट्यूशन पढ़ने जाती थी। 02 अप्रैल, 2013 को उसकी बहन से आरोपी ने दुष्कर्म किया। घटना के बाद से पीड़िता घर में लगातार रो रही थी। मां-बाप के पूछने पर बताया कि आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया और धमकी दी कि उसने यह बात किसी को बताई तो परिणाम बुरा होगा। इसी बात से परेशान पीड़िता ने दोपहर करीब तीन बजे तेजाब पी लिया। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। न्यायालय में सरकारी वकील ने कुल 10 गवाह पेश किए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए आरोपी को सजा सुनाई।
आरोपी को 10 वर्ष का कारावास
मेरठ। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम प्रहलाद सिंह द्वितीय की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी सरताज पुत्र मौहम्मद यासीन निवासी लिसाडी गेट को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास एवं तीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
विशेष लोक अभियोजक अवकाश जैन और ज्योति कपूर ने बताया कि पीड़ित ने थाना लिसाड़ी गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 15 वर्षीय बहन तीन महीने से गायब है। तलाश करने पर भी नहीं मिली। आठ दिन पूर्व 10 जनवरी, 2014 को घर आई और उसने बताया कि आरोपी उसे जबरदस्ती उठाकर ले गया था और आरोपी ने पीड़िता के साथ बलात्कार किया। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। सरकारी वकील ने अदालत में पांच गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई।