खरखौदा। कस्बा निवासी बॉबी उर्फ अमित त्यागी करीब 24 वर्ष से कीनिया की राजधानी नैरोबी में रह रहे हैं। उनकी वहां पर स्टील फैक्ट्री है। इसके अतिरिक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी भी चलाते हैं। अमित त्यागी के साथ शुक्रवार को 12 कीनियाई सैलानी खरखौदा पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में उगने वाली सब्जी एवं गन्ने की उन्नत फसल को गहनता से परखा। सैलानियों ने बताया कि भारत की तरह कीनिया भी कृषि प्रधान देश है। हालांकि वहां सरकारी योजनाओं, संसाधनों और लोगों में जागरूकता की कमी है। इस चलते तकनीक का खेती में कम ही इस्तेमाल होता है। कीनिया के कुछ क्षेत्र में गन्ना भी पैदा होता है, लेकिन भूजल स्तर बहुत नीचे होने से सिंचाई के उचित साधन नहीं हैं। जिस कारण कीनिया में भारत सरीखी फसलों की पैदावार नहीं होती है। सैलानियों ने जंगल में घूमकर खेतीबाड़ी का जायजा लिया। उन्होंने गन्ना एवं कोल्हू पर बन रहे ताजे गुड़ का भी आनंद लिया। उन्होंने बताया कि यहां कुछ पंरपराएं अन्य देशों से अलग हैं। भारत में आज भी संस्कृति जीवित है। परिवार के छोटे सदस्य बड़ों का सम्मान करते हैं। यहां अपनापन बरकरार है। सैलानियों ने बताया कि इससे पहले भी वे खरखौदा में दोस्त अमित त्यागी के साथ आ चुके हैं। इनमें कई उद्योगपति एवं अधिकारी हैं।
मुख्य बातें
कीनिया से खरखौदा पहुंचे 12 सैलानी