छायावादी युग के प्रमुख स्तंभ थे जयशंकर प्रसाद
मेरठ। माल रोड स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में सोमवार को जयशंकर प्रसाद के साहित्य में ‘राष्ट्रीय स्वर’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान और युवा संकल्प समिति की तरफ से आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता यशपाल सिंह ने कहा कि जयशंकर प्रसाद हिंदी के कवि, नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार तथा निबंधकार थे। वे हिंदी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह ने कहा कि जयशंकर प्रसाद के चिंतन में भारतीय मूल्यों मानवता एवं अहिंसा का गहरा रंग है। संरक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. राहुल त्यागी ने जयशंकर प्रसाद की जीवनी पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि डॉ. सतीश प्रकाश, प्रो. पीके शर्मा रहे। संगोष्ठी में संस्था के संरक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल त्यागी रहे। कार्यक्रम का संचालन राहुल शर्मा और मोनू सिंह ने किया।
खास बातें:
राष्ट्रीय स्वर विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोले मुख्य वक्ता यशपाल सिंह