आपसी प्रेम-सहयोग से प्रसन्न रहते हैं भगवान
सरूरपुर। कलीना गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को छठे दिन प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक साध्वी नीरज शर्मा ने कहा कि प्रभु भक्त की परीक्षा लेते हैं जो भी भक्त उस परीक्षा में पास हो जाते हैं भगवान उनकी हमेशा रक्षा करते हैं। आपसी प्रेम और सहयोग से भगवान प्रसन्न रहते हैं। श्री कृष्ण की बाल लीला सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा वाचिका ने पूतना वध, तृणावृत वध का प्रसंग विस्तार से सुनाया। उन्होंने कहा कि इंद्र के अहंकार को चूर करने के लिए भगवान कृष्ण ने सात वर्ष की आयु में बारिश के प्रलय से बचाया था। इस दौरान डॉ. मनोज सिवाच, तेजवीरी सिंह, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र जैन, सविता, नीरा, कमलेश, मूलचंद, राजन, बोबी प्रधान, कृष्णपाल व रुकमणि आदि शामिल रहे।