देसी गाय है औषधि का भंडार
दाहा (बागपत)। आर्य समाज मंदिर परिसर में सोमवार को धार्मिक कार्यक्रम हुआ। वक्ताओं ने लुप्त होती जा रही देसी गायों पर चिंता व्यक्त की। पंडित सतपाल आर्य ने कहा देसी गाय चलता-फिरता औषधालय है। इसका दूध, दही, मूत्र और गोबर विभिन्न रोगों में काम आता है। भगवान श्री कृष्ण ने भी इन्हीं गायों की सेवा की। आयुर्वेद में लिखा है कि गाय का पालन करने वाले भी बीमारियों को दूर रहते है। अब लोग ज्यादा दूध देने वाली नस्ल की और बढ़ते जा रहे है। उन्होंने लोगों से लुप्त होती देसी गायों को संरक्षित करने का आह्वान किया। सुमित, सचिन, मोनू कुमार, रोहित, अश्वनी, देवेंद्र आर्य, विमला, संतोष, रामभतेरी, मांगेराम कश्यप मौजूद रहे।