सिपाही ने जब बाहर निकल कर विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी देते हुए पिटाई की गई। इससे वह बेहोश हो गया। सीओ उमाशंकर उत्तम ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पीड़ित सिपाही की तहरीर पर दो नामजद तथा पांच अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मधुबन के युवा व्यापारी से मारपीट के मामले में दरोगा और सिपाही को निलंबित करने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी विभागीय जांच शुरू करा दी है। जांच सीओ घोसी उमाशंकर उत्तम को सौंपी गई है। वहीं दोनों पुलिसकर्मियों के निलंबित किए जाने के बाद सभी नौ प्रतिमाएं विसर्जित हो चुकी हैं।
मालूम हो कि एक अक्तूबर की शाम व्यापारी पुत्र के सुग्गी चौरी से मधुबन आने के दौरान रास्ते में पुलिस से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। जिसके बाद पुलिस व्यापारी पुत्र को थाने में लाई थी और तथा अगले दिन शांति भंग की धारा में चालान कर दिया था। व्यापारी पुत्र का आरोप था कि पुलिस ने उसकी पिटाई की। मामले को लेकर बुधवार को मधुबन बाजार के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध जताया था और विसर्जन रोक दिया था।