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बिना हस्ताक्षर कानूनगो ने दी रिपोर्ट की फोटो

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मऊ। तहसीलदार सदर के आदेश का अनुपालन उनके अधीनस्थ लेखपाल और कानूनगो ने चार महीनों में भी नहीं किया। मामला अइलख ग्राम पंचायत के कहिनौरा पुरवे का है। स्वामित्व योजना के तहत सर्वे में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने घर और सहन की भूमि पर काबिज रमेश यादव और अखिलेश यादव के अलावा उनके पट्टीदारों का कब्जा दिखा दिया। किसानों के प्रार्थनापत्र पर तहसीलदार सदर ने कानूनगो को संशोधित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी कानूनगो ने रिपोर्ट नहीं दी। मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को जांच का निर्देश्र दिया। पूर्वजों के पैतृक कच्चे मकान के गिर जाने के बाद उसी घरोही पर रमेश और अखिलेश प्लास्टिक की झोपड़ी बनाकर परिवार और अपने जानवरों के साथ रहते हैं। स्वामित्व योजना के तहत लेखपाल और कानूनगो ने अलग मकान बनावा कर रहने वाले पट्टीदारों का भी कब्जा दिखा दिया। जानकारी होने पर रमेश और अखिलेश ने चार सितंबर 2011 को तहसील दिवस में दरख्वास्त दी। लेकिन कोई सुनवाई न होने पर 30 नवंबर 2011 को तहसीलदार को प्रार्थनापत्र दिया। लेकिन चार महीना बीत जाने के बाद भी संशोधित रिपोर्ट नहीं दी गई। रमेश तहसील का चक्कर लगाते थक गया है। संशोधित रिपोर्ट के नाम पर कानूनगो उमाकांत यादव ने बिना हस्ताक्षर के दूसरे की राइटिंग में एक रिपोर्ट पेशकार को देकर खानापूरी कर दी। इसे तहसीलदार के पेशकार ने लौटा दिया। लाचार रमेश ने बुधवार को जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया। डीएम ने प्रकरण की जांच कराने के लिए एसडीएम सदर को निर्देश दिया है। तहसीलदार सदर संजीव कुमार यादव ने बताया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक को संशोधित रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया था। बिना हस्ताक्षर के रिपोर्ट देने की जानकारी नहीं है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
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