निकायों की तरफ से किए जा रहे विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर है। आलम यह है कि नगर पंचायतों की सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। नगर पंचायत मधुबन की हालत तो और भी ज्यादा खस्ता है। यहां के वार्ड संख्या 13 के मदरसा से सुग्गीचौरी मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। यह मार्ग सालों से अपने जीर्णोंद्धार की बाट जोह रहा है। दो दशक से पहले बना यह मार्ग सभी के लिये सिरदर्द बना हुआ है। न तो इस मार्ग पर न तो इंटरलांकिंग लगाई गई है और ना ही आरसीसी बनाई जा सकी है। देखभाल के अभाव में मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार इस संबंध में शिकायत भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वार्ड वासी अमानत अहमद, लालू, लक्ष्मण यादव और सत्यम का कहना है कि इस मार्ग की दुर्दशा के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संबंधित को इस समस्या से अवगत कराने के बाद भी इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। पूछने पर नगर पंचायत चेयरमैन माधुरी मद्धेशिया ने कहा कि सड़क के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इस मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाएगा। जबकि ईओ मुकेश चौधरी का कहना है कि इस समस्या से निजात दिलाने के क्रम में जल्द की कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी।