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..औलाद चाहे जैसी हो, मां बद्दुआ नहीं देती

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सिपहाइब्राहिमाबाद में आयोजित काव्य संध्या में काव्य पाठ करतीं कवियित्री पूनम श्रीवास्तव।संवा? - फोटो : MAU
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घोसी/मधुबन। घोसी ब्लाक के सिपाह इब्राहिमाबाद बाजार में शनिवार की देर शाम काव्य संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों व कवियों ने गीतों व रचनाओं से आपसी सौहार्द व भाईचारे का संदेश देकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। शुभारंभ पूनम श्रीवास्तव की सरस्वती वन्दना व खैरुल बशर की नाते पाक से हुआ। इसके बाद सलमान घोसवी ने ‘ मिलाकर सात रंगों को वफ़ा का नाम लिखना है,वरक पे दिल के होली का यही पैगाम लिखना है’ सुनाकर भाईचारे का संदेश दिया। पूनम श्रीवास्तव ने ‘दर्दों ग़म का सिला नहीं देती, जो ख़ता हो सजा नहीं देती अपनी औलाद चाहे जैसी हो, मां कभी बद्दुआ नहीं देती’ सुनाकर मां और बेटे के रिश्ते को समझाया। अबरार घोसवी ने गजल ‘निशाने पर रख दिया है दिल अपना, आप चूक जाएं ना तीर आजमाने में’ पेश कर दाद हासिल की। खैरुल बशर ने ‘मसाएब जो ये हम पे आये हुए हैं वो अपने अमल के कमाए हुए हैं’ मिलन चौरसिया ने ‘उनके चेहरे से जो मुस्कान चली जाती है, मेरी दौलत मेरी पहचान चली जाती है’ पेश किया। इसके अलावा तारिक घोसवी, विपिन बिहारी पाठक, एनाउंसर ताज, ओबैदुल्लाह आजमी, शिवम दुबे ने भी कलाम पेश किए। अध्यक्षता श्रीनिवासन जायसवाल तथा संचालन शन्नू आजमी ने किया। संयोजक रेवती रमण ने आभार जताया। इस दौरान विनीता दीक्षित पांडेय, सुधाकर राय, ग्राम प्रधान रामनाथ यादव, जियाउद्दीन खान, अरविंद कुमार पांडेय, मुंशी रशीद अहमद, अजय दुबे, वीरेंद्रनाथ पांडेय, शकील आजम सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
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