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चक्की मुसाडोही गांव के अधिकांश घरों में घुसा पानी

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चक्कीमुसाडोही के गांव में घूसा बाढ़ का पानी।संवाद - फोटो : MAU
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मधुबन। सरयू नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर बढ़ रहा है। तहसील क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे चक्की मुसाडोही गांव के 75 प्रतिशत घरों में पानी घुस जाने से लोग मुश्किल में हैं।लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से केरोसिन सहित अन्य जरुरी सामग्री मुहैया नहीं कराई गइ है। ऐसे में लोग पलायन करने लगे हैं। मंड़इयां और मकान जलभराव के चलते गिरने लगे हैं। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र का चक्की मूसाडोही गांव 1600 हेक्टयर में फैला है। यहां की आबादी 3200 है। ग्राम प्रधान के अनुसार गांव के 75 प्रतिशत घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जलभराव से बृहस्पतिवार को गांव के नगीना नामक एक व्यक्ति के पक्के मकान की दीवार गिर गई। जबकि कई घरों की दीवार फट गई है। मड़इयों की कच्ची दीवारें गिरने से गृहस्थी का सामान नष्ट होने लगा है। जलभराव के चलते बिजली विभाग ने बिजली काट दी है। ऐसे में 700 परिवार अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं। जबकि प्रशासन ने उन्हें अभी तक कैरोसीन तक नहीं मुहैया कराया है। गांव के दुधही, नंदलाल, बदामिया, नगीना, राम मिलन गांव छोड़कर रिश्तेदार के यहां शरण लिए हुए है। पशुओं को रखने, उनके लिए चारे की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मुख्य मार्गो से इन लोगों का संपर्क टूट चुका है। वर्तमान में केवल 10 नाव ही अवागमन का एक मात्र सहारा है। ग्राम प्रधान लल्लन प्रसाद ने बताया कि प्रशासन की तरफ से केरोसिन वितरण नहीं किया जा सका है। पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति का आकलन कर मुुआवजा दिया जाए।
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