दोहरीघाट। नगर पंचायत में बंद पड़े वाटर कूलर भीषण गर्मी में लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। मरम्मत व देखभाल के अभाव में नगर के 11 वार्डों में लगाए गए 12 वाटर कूलर बीते सात साल से बंद पड़े हैं। लोगों की शिकायत पर हर साल मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। चिलचिलाती धूप में राहगीरों को पानी खरीद कर पीनी पड़ती है। दोहरीघाट जिले का बड़ा बाजार है। यहां मऊ सहित आजमगढ़ और गोरखपुर जिले के सीमावर्ती गांव के लोग जरूरत का सामान खरीदने आते हैं। यहां सरयू नदी के किनारे मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार भी होता है। इसके चलते रोजाना हजारों लोग कस्बा में आते हैं। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते भीषण गर्मी में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। इस संबंध में विनोद जायसवाल, श्रीप्रकाश सोनकर, आशीष ने बताया कि आठ साल पहले कस्बा में जगह-जगह केवल दिखावे के लिए वाटर कूलर लगाए थे। कुछ छह महीने तो कुछ तीन महीने में ही तकनीकी खराबी से बंद हो गए। उसके बाद नगर पंचायत कार्यालय पर हर साल शिकायतपत्र देकर मरम्मत की मांग की जाती है। लेकिन केवल आश्वासन मिलता है।
कोट-
वाटर कूलरों की मरम्मत के लिए जिला मुख्यालय को अवगत कराया गया है। जल्द ही सभी वाटर कूलर ठीक करा दिए जाएंगे।
- दिनेश आर्या, अधिशासी अधिकारी, दोहरीघाट