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जोह रहे थे बेटों के घर आने की बाट आ गई मौत की सूचना

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कोपागंज। आजमगढ़ जिले के अतरौलिया में सड़क हादसे में सोमवार की रात कोपागंज कसबे के फुलेलपुरा निवासी मदरसे के दो छात्रों सहित तीन युवकों की मौत की सूचना आते ही उनके घरों में कोहराम मच गया। रमजान महीने में इस हृदयविदारक हादसे से पूरे कसबे में मातम पसर गया। बड़ी तादाद में लोग मृतकों के घरों पर पहुंचे और परिवार को ढांढ़स देते रहे। जब लखनऊ के मदरसे से इन युवकों के घरों पर फोन आया कि आकर अपने बच्चों को ले जाएं। इनके परिवार के लोग पहले इस बात पर संतोष जता रहे थे कि इनके बेटे ईद के मौके पर अपने घरों पर परिवार वालों के साथ रह सकेंगे, लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर था। उनके आने की जगह उनकी मौत की खबर आ गई, इससे घर वालों को गहरा सदमा लगा। परिवार वालों ने पड़ोसी जमीर को एक कार के साथ तीनों छात्रों को लाने के लिए भेजा लेकिन जमीर के साथ ही मदरसा छात्र ,अली मोहम्मद और मोहम्मद जान की मौके पर ही मौत हो गयी। घर वालों को क्या पता था कि उनके बच्चे अब उनके बीच कभी नहीं आ सकेंगे। इस घटना में गंभीर रूप से घायल अनवर रजा (22) और कार का ड्राइबर कमरुज्जमा के घर वाले बुरी तरह घायल हो गए। जमीर हसन तीन भाइयों अता हुसैन सबसे बड़ा और हसन रजा सबसे छोटा है। जमीर के पिता गुलाम रसूल का रो-रो कर बुरा हाल है। उसकी पत्नी फिजा बानो बार-बार बेहोश हो जा रही है। वहीं जमीर हसन के दो छोटी बच्चियां छह वर्षीय जोया और तीन वर्षीय नेबा को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। अली मोहम्मद के पिता वकार इस्लाम ने अपने इकलौते बेटे को पढ़ने के लिए लखनऊ भेजा था। उनको क्या पता था और वे उसके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हैं वह अब उसे कभी नहीं मिल सकेगा। वही जॉन मोहम्मद के भाई औन मोहम्मद और पिता नासिर हुसैन का रोते-रोते बुरा हाल है।
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