मेरी शादी को पांच साल से हो गए। मेरा पति मुझसे मतलब नहीं रखता है। सास-ससुर पूछते ही नहीं, जब मैंने विरोध किया तो सास-ससुर ने मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। आप लोग ही बताएं क्या करूं। यह गुहार रविवार को एक महिला ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक में सदस्यों के समक्ष कही। इस पर मौजूद महिला के ससुर से सदस्यों ने उनके बेटे के न आने का कारण पूछा। जिसका उनके द्वारा उचित जवाब नहीं मिलने पर इस संबंध में दो बार से सदस्यों के लगातार बुलाने के बाद भी न आने पर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। इससे पहले चार घंटे तक चली इस बैठक में 56 मामले आए, इसमें 26 का निस्तारण हुआ। वहीं दो दंपतियों ने आपसी गिले शिकवे को भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। जबकि 17 फाइलें कोर्ट में होने या प्रार्थी की अनुपस्थिति के कारण बंद करने का तो सात मामलों में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। मामलों के निस्तारण में अर्चना उपाध्याय,सर्वेश दूबे ,मौलवी अरशद,शाहिद पैरिस ,समरजीत यादव रहे ।