रतनपुरा ब्लाक के छिछोर गाँव की बदहाल सड़क।
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ग्रामरतनपुरा/ बढ़ुआगोदाम । रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सेमराजपुर मोड़ से छिछोर गांव तक दस साल पहले बनी सड़क दो किलो मीटर तक टूट कर गढ्ढो में तब्दील हो गई थी। इस सड़क पर आए दिन लोग गिर कर घायल हो जा रहे थे। तमाम शिकायतों के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी । इस बात से गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार को चंदा एकत्रित किया और श्रमदान देकर ईट के टुकड़े और राबिश डालकर गढ्ढे को बराबर किया।रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सेमराजपुर मोड़ से बलिया जिले के बरलाई और बाराडीह गांव को जोडने वाली सडक का निर्माण दस साल पहले कराया गया था । इस रोड़ पर दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन होता हैं। सड़क बनने के दशको बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई । जिससे सडक गढ्ढो में तब्दील हो गई। सड़क पर गढ्ढे होने से कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। दो दिन पहले मंगलवार को सवारियों से भरा एक आटो पलट गया । इस दुर्घटना में आटो में सवार आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे । सडक में हुए गढ्ढो के बारे में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को स्वयं ही सड़क को गड्ढामुक्त बनाने का फैसला लिया। दर्जनों की संख्या में ग्रामीण चार घंटे मेहनत कर गड्ढे में गिट्टी और राबिश डालकर पाट दिया। क्षेत्रीय लोगों ने इसकी इस नेक काम में सहयोग करने के लिए छिछोर गांव निवासी आनंद सिंह उर्फ टुटु, शंकर सिंह, केदार सिंह, मनोज कुमार यादव, बिद्या नाथ सिंह की प्रशंसा की ।
रतनपुरा ब्लाक के छिछोर गाँव की चंदा लगाकर बदहाल सड़क की मरम्मत के लिए ईट गिरवाते ग्रामीण।- फोटो : MAU