मऊ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी ने मारपीट के 47 वर्ष पुराने मामले में नामजद आठ आरोपियों में एक को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे परीवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए छह माह तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया। मामले में सात आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामला मधुबन थाना क्षेत्र के सिपाह इब्राहिमाबाद गांव का है। अभियोजन के अनुसार, गांव निवासी शिवनाथ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि 28 मार्च 1975 की शाम वह दुकान पर था। उसी दौरान आरोपीगण रामअवध, शंकर, रामऔतार सिंह, भवेश, अनंती, छोटेलाल, रमाकांत और रमाशंकर दुकान पर आए और उसे मारपीट कर घायल कर दिया। तहरीर पर मधुबन थाना में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन ने चार गवाह पेश किए। जज ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी रमाशंकर को मारपीट का दोषी पाया और उसे सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छह माह के लिए छोड़ दिया। मामले में बाकी आरोपीगणों की मौत हो जाने से उनके खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई खत्म कर दी गई।