मऊ। कोरोना वायरस संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में किए गए लॉक डाउन के दौरान घरों में रहने वाले लोगों को समय से ताजी सब्जी की आपूर्ति हो इसके लिए डीएम ने बुधवार को अपने कार्यालय में बैठक का आयोजन कर रणनीति बनाई। बैठक में शामिल सब्जी व्यापारियों और मंडी कर्मचारियों से बात कर डीएम ने तय किया कि सब्जी उन्ही कारोबारियों को उपलब्ध कराई जाए, जो ठेला या फिर आटो पर सब्जी लादकर मुहल्ले मुहल्ले जाकर बेच सकें। ताकि सब्जी खरीदने के नाम पर कोई अपने घरों से बाहर न निकले। डीएम ने तय किया कि सब्जी ठेला या आटो पर सब्जी बेचने वाले बेचे जाने वाली सब्जियों का बकायदे रेट लिस्ट लगाएगें। ऐसा नहीं हो कि वो मौके का फायदा उठाकर ऊंचे और महंगे दामों पर ग्राहको को सब्जी बेचे। बोले रेट लिस्ट न लगाने वाले ठेला व्यापारी के विरुद्घ कार्रवाई करने का डीएम ने आदेश दिया। बोले सब्जी की स्थाई दुकान लगाने की अनुमति महामारी के समाप्त होने तक नहीं रहेगी। बोले इस अपरिहार्य हालात में लोगों को राशन आपूर्ति और सब्जी आदि की पर्याप्त आपूर्ति दिलाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। इस दौरान डीएम ने बैठक कर तय किया कि सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक बलिया मोड़ स्थित सब्जी मंडी में दुकानें खुलेंगी। उसके बाद पूव़ार्ह्न नौ बजे से 11:00 बजे तक घोसी में थोक सब्जी की दुकानें खोली जाएगी। इसके बाद 11:00 से 1:00 बजे तक कोपागंज की सब्जी मंडी खुलेगी। जहां से केवल व्यापारियों को ही सब्जी उपलब्ध होगी। उसके बाद फूटकर व्यापारी ठेले या आटो पर लादकर मोहल्ले घूम सब्जी बेचने का काम करेंगे। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को किसी भी वस्तु के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। बैठक में कृषि मंडी सचिव शालिक राम, मंडी सहायक मनोज कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज यादव, खाद्य एवं औषधि प्रशासन अभिहित अधिकारी एसके त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार दीक्षित सहित तमाम अधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे।