मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने में 20 दिन ही शेष हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए विभागीय कवायद तेज हो गई है। इस वर्ष बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्रों पर रखे गए प्रश्नपत्रों की निगरानी ईवीएम की तर्ज पर की जाएगी। बोर्ड परीक्षा में 84,284 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 22 फरवरी से शुरू होगी। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए जिले में 115 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में 43,066, इंटरमीडिएट में 41,268 सहित 84,284 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर रखे गए प्रश्नपत्रों की ऑनलाइन 24 घंटे निगरानी होगी। वहां नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए जाएंगे। सभी परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एवं गोपनीयता रखी जाएगी। प्रश्नपत्रों तथा अवशेष प्रश्नपत्रों को रखने के लिए प्रधानाचार्य कक्ष से अलग एक सुरक्षित कक्ष को स्ट्रांग रूम बनाया जाएगा। जिसमें दो अलग-अलग आलमारियों की व्यवस्था होगी। पहली डबल लॉक युक्त आलमारी में परीक्षा पूर्व प्रश्नपत्रों को रखने की व्यवस्था होगी। दूसरी आलमारी में बचे प्रश्नपत्रों एवं बंडल स्लिप रखे जाएंगे। स्ट्रांग रूम एवं इसमें रखी आलमारियों की निगरानी रात में भी नाइट विजन वाले सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी। डीबीआर की रिकॉर्डिंग क्षमता कम से कम 30 दिन की होगी। परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिका पहुंचने पर उनके स्ट्रांग रूम की रिकॉर्डिंग और संपूर्ण परीक्षा अवधि में परीक्षा केंद्र के परीक्षा कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को उपलब्ध कराना होगा। स्ट्रांग रूम की चाबी केंद्र पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास रहेगी। डबल लॉक को स्टेटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में ही खोला जाएगा। परीक्षा से पूर्व पेपर लीक होने पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक जिम्मेदार होंगे। स्ट्रांग रूम में किसी भी अधिकारी और कर्मचारी का मोबाइल फोन के साथ प्रवेश वर्जित होगा। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि 15 फरवरी तक प्रश्नपत्राें की खेप आने की उम्मीद है। परीक्षा केंद्रों पर रखे गए प्रश्नपत्रों की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। केंद्र व्यवस्थापकों को गाइडलाइन जारी कर दिया गया है।