मऊ। शासन प्रशासन की तमाम चेतावनी के बाद भी जिले के विभिन्न ब्लाकों में गैर मान्यताप्राप्त स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। कुछ विद्यालय जूनियर की मान्यता पर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट तक चलाए जा रहे हैं। विद्यालयों में मनमानी फीस एवं तरह-तरह के शुल्क लिए जा रहे हैं। जबकि आला अधिकारिरी नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर रहे हैं। जिले में बेसिक शिक्षा से संबद्ध 1200 से अधिक मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। जिले शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के नाम पर गैर मान्यता प्राप्त कान्वेंट स्कूलों का कारोबार खूब फल फूल रहा है। शासन की तरफ से गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने का फरमान जारी किया गया है। ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई है। केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर दी जा रही है। कई स्कूल मानक पर कहीं से खरा नहीं उतर रहे हैं, लेकिन मनमानी फीस वसूल रहे हैं। छात्र छात्राओं का नाम किसी अन्य सरकारी स्कूलों में चलता है। सभी ब्लाक क्षेत्रों में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हो रहे हैं। यहां मानक के अनुरूप भवन तक नहीं हैं। विभाग की तरफ से अब तक 50 गैर मान्यता प्राप्त संचालकों को नोटिस जारी की गई है।वर्ष 2019 में बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 105 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सीज किया गया था। डॉ. संतोष कुमार सिंह, बीएसए ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर कार्रवाई की जाती है। बीआरसी स्तर से अभियान चलाया जा रहा है। 50 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों को नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय मिले तो संबंधित बीईओ परकार्रवाई की जाएगी।