मऊ । अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर पांच रामअवतार प्रसाद ने गैंगेस्टर एक्ट के मामले में नामजद दो आरोपियों को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष की सजा के साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला सुरेश चंद्र मिश्रा की तहरीर पर 13 जून 2011 को गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें वैजापुर गांव निवासी साधू गोड पुत्र वृजनाथ गोड और चंदर उर्फ रामचंद्र पुत्र सुभाष मल्लाह को आरोपी बनाया। पुलिस ने विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने कुल छह गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण साधू गोड और चंदर उर्फ रामचंद्र को गैंगेस्टर एक्ट का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दोनों को 5-5 वर्ष की सजा के साथ ही दस-दस हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने और दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।