मऊ। जनपद के दो सेक्रेटरियों को सरकारी धन के गबन के आरोप में रविवार को निलंबित कर दिया गया । इन दोनों पर आरोप है कि तबादला हो जाने के बाद कार्यमुक्त हो जाने के बाद अपनी पूर्व तैनाती वाले स्थान से 12 लाख से अधिक रुपये संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर करके बंदरबांद कर लिए। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के आदेे पर सीडीओ राम सिंह वर्मा ने स्वयं इसकी जांच किया था। सीडीओ की रिपोर्ट पर डीएम ने दोनों आरोपी सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई और गबन की रकम की वसूली के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की उपस्थिति में सीडीओ राम सिंह वर्मा ने बताया कि सेक्रेटरी उपेंद्र सिंह का तबादला 27 फरवरी 2020 को दोहरीघाट ब्लाक से कोपागंज के लिए हो गया था। उसे उसी दिन कार्यमुक्त कर दियाग या था। लेकिन उपेंद्र ने कार्यमुक्ति के बाद छह लाख 49 हजार 33 रुपये सामान सप्लाई करने वाली संस्थाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करके रकम का बंदरबांट कर वित्तीय अनियमितता किया। इसी प्रकार कोपागंज से रानीपुर ब्लॉक के लिए संजय प्रसाद का ट्रांसफर 4 फरवरी 2020 को हो गया था। संजय ने कार्यमुक्त होने के अगले दिन पांच फरवरी को छह लाख 14 हजार 571 रुपये संस्थाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया और उस रकम का गबन कर लिया। इस गबन में एडीओ पंचायत की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इनकी भूमिका की जांच अलग से की जाएगी। सीडीओ ने वित्तीय अनियमितता पाते हुए रिपोर्ट डीएम को सौंप दिया।डीएम के निर्देश पर दोनों आरोपी सचिवों को निलंबित कर दिया गया।