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Mau News: दहेज प्रताड़ना में दो देवरों को एक-एक साल की सजा

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न्यायिक मजिस्ट्रेट फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिला अपराध) संतोष वर्मा ने दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने के मामले में नामजद पांच आरोपियों में दो देवरो को दोषी पाते हुए उन्हें एक-एक वर्ष की सजा सुनाई गई। साथ ही चार-चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सजा का निर्धारण करते हुए अपने आदेश में लिखा कि दहेज एक सामाजिक बुराई है, इस अपराध से समाज प्रभावित होता है। यदि अभियुक्तगण को परीवीक्षा का लाभ दिया जाता है, तो समाज में गलत संदेश जाएगा और दहेज के मामले भी बढ़ेंगे। मामले मे पति इफ्तेखार, ससुर खैरुल वशर और सास आविदा खातून की मौत होने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, थाना क्षेत्र के प्यारेपुरा मुहल्ला निवासिनी हसीबा खातून पत्नी इफ्तेखार अहमद पुत्री मौलवी मंजूर अहमद के प्रार्थना पत्र व कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें शहर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुरा मुहल्ला निवासी देवर इम्तियाज और फिरोज, पति इफ्तेखार, ससुर खैरुल वशर और सास आविदा खातून को नामजद किया गया। वादिनी का कथन था कि उसकी शादी इफ्तेखार अहमद के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में दो लूम की मांग को लेकर आरोपीगण उसे प्रताड़ित करते और मारते पीटते थे। सभी ने चार माह की बच्ची को छीनकर मारपीट कर उसे घर से भगा दिया। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक अभियोजन अधिकारी ने कुल तीन गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण इम्तियाज और फिरोज को दोषी पाया और उन्हें एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही चार-चार हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वही आरोपीगण इफ्तेखार, खैरुल वशर और आविदा खातून की दौरान विचारण मौत होने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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