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बिना ईएमओ संचालित हो रहे दो बड़े सरकारी अस्पताल

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मऊ। जिला अस्पताल तथा महिला जिला अस्पताल बिना ईएमओ के संचालित हो रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर चिकित्सक न होने से लगातार विवाद हो रहा है। पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बीच यह समस्या नासूर बनती जा रही है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में संसाधन तो बढ़ रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की संख्या निरंतर घट रही है। सबसे अधिक कमी विशेषज्ञ डॉक्टरों की है। 100 बेड के जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल (मैटर्निटी एंड चाइल्ड हेल्थ विंग) में बीते कई वर्षो से ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) की तैनाती नहीं है। जबकि जिला अस्पताल में तीन और महिला अस्पताल में सात इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर के पद स्वीकृत हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिला अस्पताल में दो सर्जन, दो रेडियोलॉजिस्ट, एक मनोरोग विशेषज्ञ, एक प्लास्टिक सर्जन, एक फिजीशियन तथा एक बालरोग विशेषज्ञ की कमी पहले से है। यहां सीएमएस सहित 29 चिकित्सकों के पद के मुकाबले वर्तमान में 14 चिकित्सक तैनात हैं। वहीं 2018 से यहां तीनों ईएमओ के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में 14 चिकित्सकों में से तीन शिफ्टों में विशेषज्ञ चिकित्सकों को ईएमओ बनाकर इमरजेंसी ड्यूटी कराई जा रही है। यहीं स्थिति महिला जिला अस्पताल की हैं यहां 27 चिकित्सकों के मुकाबले वर्तमान में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक बेहोशी तथा तीन बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती है। जबकि दो बाल रोग विशेषज्ञ, एक रेडियोलॉजिस्ट, सात ईएमओ के पद, वहीं दो महिला विशेषज्ञ, दो बेहोशी के चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में दोनों अस्पतालों में ओपीडी के डॉक्टरों की ड्यूटी इमरजेंसी कक्ष में लग जाती है। नतीजा यह होता है कि ओपीडी में भी डॉक्टर नहीं मिलते हैं। महिला अस्पताल में 2018 से रेडियोलॉजिस्ट न होने से यहां अल्ट्रासाउंड की जांच बंद है। ऐसे में यहां ओपीडी में आने वाले प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीजों में करीब 25 फीसदी मरीजों को उपचार तो नि:शुल्क मिल जा रहा रहा है, लेकिन जांच कराने के लिए उन्हें प्राइवेट लैब में जाना पड़ रहा है। ऐसे ही जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट के वीआरएस लेने के बाद यहां भी जांच महीनों से बंद है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि ईएमओ के पद काफी समय से रिक्त चल रहे हैं। शासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। फिलहाल तैनात चिकित्सकों से इमरजेंसी ड्यूटी कराई जा रही है।
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