मऊ। जिले में पराली जलाने की घटना को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रूप अपनाया है। सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त फुटेज के आधार पर किसानों को चिंहित कर अब तक तहसील मुहम्मदाबाद गोहना, मधुबन एवं सदर के छह किसानों पर पराली जलाने पर ढाई-ढाई हजार रुपया का जुर्माना लगाकर जुर्माने की राशि की वसूली की गई। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकार की तरफ से सेटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की घटना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। जिससे पराली जलाने के स्थान का सही पता चल जाता है। उन्होंने जनपद के किसानों से पराली न जलाने की अपील की।जिलाधिकारी ने लेखपालों को पराली जलाने पर विशेष नजर रखने तथा तत्काल संबंधित थाने में सूचना देने का निर्देश दिया। कृषि उपनिदेशक सत्येंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पराली प्रबंध डी कंपोजर के द्वारा तथा दूसरा गौशालाओं में पराली दो खाद को योजना के द्वारा किया जा रहा है। कहा कि अगर पराली जलाने की घटना दो एकड़ क्षेत्रफल से कम क्षेत्रफल में पाया गया तो तो 2500 रुपया, 2 एकड़ से 5 एकड़ क्षेत्रफल में पराली जलाने पर 5000 रुपया तथा 5 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में पराली जलाने की घटना पाए जाने पर 15000 रुपए का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।