फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समर्पण, विश्वास और निष्काम भावना से ही संभव है सच्ची मित्रता:रवि कृष्ण शास्त्री

विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के सद्धोपुर गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन अयोध्या से आए कथावाचक रवि कृष्ण शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की अनन्य मित्रता का वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविह्वल हो गए। कहा कि सुदामा निर्धन थे, परंतु उनका हृदय अपार प्रेम और समर्पण से भरा था। वे केवल मुट्ठी भर चावल लेकर भगवान से मिलने द्वारका पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा के चावल को प्रसाद समझकर विनम्रता से ग्रहण किया, उसी क्षण यह सिद्ध कर दिया कि प्रभु भाव के भूखे हैं, वस्तु के नहीं। कथावाचक ने कहा कि मित्र के प्रति ऐसी आत्मीयता संसार में विरले ही मिलती है। कथा के बाद पूर्णाहुति, हवन और आरती संपन्न हुई। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, अनीता, पाना सिंह, शीला देवी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें