रेलवे स्टेशन पर कृषक एक्सप्रेस पहुँचने के बाद उतरते यात्री।
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मऊ। पांच माह बाद वाराणसी-गोरखपुर रूट पर दो नियमित ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को काफी राहत मिली। पहले दिन इन ट्रेनों से 90 से ज्यादा यात्री विभिन्न स्थानों को रवाना हुए। ऐसे में स्टेशन पर चहल-पहल बनी रही। यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पहले पहुंचे। जहां उनकी थर्मल स्क्रीनिंग तथा स्वास्थ्य परीक्षण कर प्लेटफार्म पर भेजा गया। इससे पहले रात में करीब दो बजे चौरी चौरा तो रविवार की सुबह 10 बजे कृषक एक्सप्रेस जंक्शन पर पहुंची। रविवार की सुबह दस बजे जंक्शन पहुंची कृषक एक्सप्रेस से 60 से ज्यादा यात्री आगे के स्टेशनों की यात्रा करने को सवार हुए। इससे पहले रात में दो बजे कानपुर जाने वाली अप चौरीचौरा एक्सप्रेस से 25 यात्री वाराणसी, औड़िहार, प्रयागराज, कानपुर के लिए सवार हुए। जबकि 50 से ज्यादा जंक्शन पर उतरे। इस दौरान आरपीएफ प्रभारी डीके राय तथा जीआरपी प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी जवानों के साथ यात्रियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेसिंग के साथ मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील करते रहे। बीते मार्च के आखिरी सप्ताह से वाराणसी-गोरखरपुर रूट पर ट्रेनों के संचालन बंद कर दिया गया था। देवरिया से आए यात्री चंदन कुमार ने कहा कि वाराणसी-गोरखपुर रूट पर ट्रेनों के संचालन न होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दो नियमित ट्रेनों के संचालन से राहत मिली है। वहीं बेल्थरारोड से आए यात्री मंजूर अहमद ने कहा कि ट्रेनों के संचालन न होने से उन्हें निजी बस या वाहनों से आने जाना पड़ रहा था। ट्रेनों के संचालन से इस समस्या का समाधान हो गया है।