जिले का बाढ़ग्रस्त इलाका दुबारी इन दिनों मधुबन तहसील प्रशासन को आईना दिखाने का काम कर रहा हैं। दो ग्राम पंचायतों के बीच में बना हाहा नाला और भागड़ा तालाब के पास बने रेगुलेटर पुलिया से पानी रिसाव को लेकर जब किसी प्रतिनिधि और तहसील के जिम्मेदारों ने ग्रामीणों की गुहार नहीं सुनी। तब इस समस्या को खुद पांच गांव के ग्रामीणों के एकजुट होकर चंदा एकत्र कर छह घंटे की मशक्कत के बाद इस रिसाव को दुरस्त कर दिया। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी ग्रामीणों ने सरयू के तेज प्रवाह में बह गए जरलहवा मार्ग को खुद ईंट डालकर सही किया था।
बताते दें कि मधुबन तहसील के ग्राम पंचायत अहिरुपुर और लौवासाथ के बीच हाहा नाला स्थित भगड़ा की सीमा पर बनी पुलिया से काफी समय से रिसाव हो रहा था। जिससे 12 गांव के सैकड़ों एकड़ जमीन में उपजाऊ फसल डूब चुकी थी। इसको लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने तहसील तक अवगत कराया, लेकिन तहसील प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए बुधवार को पांच गांव के प्रधानों ने चंदा और श्रमदान लगाकर पुलिया के रिसाव को मरम्मत की। करीब छह घंटे की मरम्मत करने के बाद रिसाव को कम किया। जिसमें लौवासाथ, अहिरुपुर, तिघरा, नेवादा गोपालपुर, अम्मा भेलऊर गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
कोई सुनवाई ही नही, बेबस होकर खुद उठाया कदम
अलग-अलग गांव प्रधान सतेंद्र यादव, शिवमूरत साहनी, लालबहादुर गौतम, कुंवर श्याम नारायण सिंह, जयप्रकाश साहनी ने बताया कि इस समस्या को लेकर वो बीते दस दिन से लगातार जन प्रतिनिधियों के साथ मधुवन तहसील प्रशासन के साथ सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों से गुहार लगा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। उधर लगातार रिसाव से फसल के डूबने का भी खतरा बढ़ गया था, जिससे फसल के खराब होने की संभावना तेज हो गई थी। ऐसे में खुद इसे सही करने को लेकर पांच गांव के ग्रामीणों ने फैसला लेते हुए श्रमदान कर इसका निदान कर दिया।
जब ग्रामीणों ने कटने के बाद खुद दुरस्त की सड़क
29 अगस्त की शाम को सरयू के तेज प्रवाह के चलते 50 गावों को जोड़ने वाला दुबारी ग्राम पंचायत का जरलहवा मार्ग का 40 फीसदी हिस्सा कट गया था। जहां नदी का पानी हटने पर शुक्रवार को ग्रामीणों ने कटे मार्ग को ईंट से दुरस्त किया था। इससे पहले मार्ग के कटने के बाद भी वहा प्रशासन का कोई आला अधिकारी नहीं पहुंचा, जबकि चौंकाने वाली बात है कि इस कटे मार्ग से महज 500 मीटर की दूरी पर बाढ़ चौकी भी स्थापित है।