विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने और धमकी देने के मामले में दोषी पाए गए एक व्यक्ति को तीन साल की सजा के साथ ही 20 जार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे दो माह और जेल में बिताने होंगे। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा की 16 वर्षीय किशोरी 19 अगस्त को कोचिंग पढ़कर घर आ रही थी कि रास्ते में मितुपुर और कुंवर पुरवा गांव के बीच आरोपी शैलेश प्रसाद ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर उसे धमकी दी। वादी की तहरीरपर पुलिस ने शैलेश प्रसाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने सात गवाह पेश किए। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए उसे पाक्सो एक्ट के तहत तीन वर्ष की सजा के साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। साथ ही धमकी देने के मामले में एक साल की सजा का निर्णय सुनाया।