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Mau News: एससी/एसटी एक्ट में दंपती सहित तीन को तीन-तीन वर्ष की सजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मऊ। विशेष जज एससी/एसटी एक्ट हरेंद्र प्रसाद ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति को जाति सूचक गाली और धमकी देने के मामले में नामजद चार में से तीन को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। दोषियों में पति,पत्नी भी शामिल हैं। दोषियों पर 4-4 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं जुर्माने की 60 प्रतिशत धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया। एक आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। सरवां इंदलपुर गांव निवासी हरिराम पासी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। पीड़ित का कहना है कि 27 अगस्त 2017 की सुबह 9 बजे आरोपी उसके घर पर आए और उसकी नाली को बंद कर दिया। मना करने पर उसे जाति सूचक गाली के साथ धमकी दी। पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना सरवां इंदलपुर गांव निवासी अभिराम, गुलाबी देवी, श्रीकृष्ण चौहान और एक किशोर के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दायर किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने पांच गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। विशेष जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभिराम चौहान, गुलाबी देवी और श्री कृष्ण चौहान को दोषी पाया। तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 2-2 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं गाली और धमकी देने के मामले में क्रमशः दो-दो वर्ष की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एक आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई है।
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