मऊ। बिहार रेलवे में लिपिक और चतुर्थ श्रेणी पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों ने शहर के तीन युवकों से 17 लाख रुपये ठग लिए। धोखेबाजों ने हाजीपुर बुलाकर एक होटल में ठहराया और तीनों को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर धनबाद भेज दिया। वहां जाने पर पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। घटना सितंबर 2019 की है। जालसाजों ने पैसा मांगने पर धमकी दे दी। पुलिस ने तहरीर ली और युवकों को टरका दिया। जिस पर अदालत चले गए। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। कोतवाली के बल्लीपुरा निवासी मनीष कुमार विश्वकर्मा से अगस्त 2018 में शहर के राजपूताना मुहल्ला निवासी रीतेश कुमार कनौजिया, राकेश उपाध्याय भूपत नगर रैनी, ओंकार दुबे निवासी परमेठ मोदीनगर मोड़ करंडा गाजीपुर और परमेठ निवासी लक्ष्मीकांत सिंह की दिसंबर 2018 में मुलाकात हुई। इन लोगों ने मनीष से कहा कि लक्ष्मीकांत की बिहार में रेलवे के डीआरएम से संबंध है। वह उस कोटे से रेलवे में नौकरी दिला देगा। जालसाजों ने दक्षिण टोला थाने के छेदापुरा मुहल्ला निवासी राजेश मद्धेशिया, राजेश ओर गुलाब को भी झांसे में ले लिया। आरोपियों ने पांच सितंबर 2018 को रीतेश से तीन लाख, राजेश से दो लाख और गुलाब से छह लाख 40 हजार रुपये ले लिए। मनीष को हाजीपुर बिहार ले गए और होटल में ठहराया गया। वहां उससे साढ़े पांच लाख रुपये और लेकर तीन सितंबर 2018 को नियुक्तिपत्र दिया और प्रशिक्षण के लिए धनबाद जाने को कहा। वहंा जाने पर युवकों को ठगे जाने का अहसास हुआ। कोतवाल संजय त्रिपाठी ने बताया कि चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।