मऊ। महाकुंभ के लिए मऊ डिपो के बेड़े में मंगलवार को फिर तीन नई रोडवेज बसें शामिल होंगी। नौ जनवरी को दोहरीघाट डिपो को भी एक नई रोडवेज बस मिली थी। इससे पहले दिसंबर में मऊ और दोहरीघाट डिपो को चार-चार नई बसें मिली थीं। मऊ डिपो से तीन चालक और कर्मचारी नई बसों को लाने के लिए रविवार को ही कानपुर रवाना हो गए थे। इन बसों के आने से मऊ डिपो में बसों की संख्या 67 हो जाएगी। दोहरीघाट डिपो में बसों की संख्या 61 हो गई है। आने वाले दिनों में मऊ डिपो को 15 और दोहरीघाट डिपो को पांच और नई बसें मिलेंगी। नई बसें भेजने का उद्देश्य यह है कि दोनों डिपो की आधा से अधिक बसों को प्रयागराज भेजने के बाद नियमित रूटों पर बसों की संख्या कम न हो। पहले मऊ डिपो की बसों से रोजाना आठ हजार से अधिक यात्री सफर करते थे। लेकिन अब सात नई बसों के आने से सफर करने वालों की संख्या बढ़ जाएगी और राजस्व भी अधिक मिलेगा। मऊ डिपो की बसों का लखनऊ, कानपुर, बहराइच, शाहगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया और ग्रामीण सहित 16 रूटों पर संचालन होता है। दोहरीघाट डिपो की बसें आजमगढ़, प्रयागराज, गोरखपुर, मऊ, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, गोंडा, नई दिल्ली आदि रूटों पर चलती हैं। मऊ डिपो के एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि नई बसें कानपुर से मंगलवार को आ जाएंगी। फिर इन्हें महाकुंभ के लिए रवाना कर दिया जाएगा।