मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलम ढाका ने चार वर्ष पूर्व कसारा गांव के पूर्व प्रधान विजय शंकर राय की हत्या के मामले में नामजद चार आरोपियों में से तीन को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एक आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार कसारा गांव निवासी सूरज राय पुत्र विजय शंकर राय की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही प्रभात राय उर्फ बंटी और अंकित राय उर्फ लक्की पुत्रगण मनोज राय, मनोज राय पुत्र स्व. राजेंद्र राय और ममता राय पत्नी मनोज राय को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर आरोपीगण ने वादी मुकदमा के पिता विजयशंकर राय की 18 फरवरी 2019 की शाम को उस समय हत्या कर दी, जब वह खेत में पानी चलाने के लिए गए हुए थे।
पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए कुल दस गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा गया। एडीजे ने दोनों तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी प्रभात राय, अंकित राय और ममता राय को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। आरोपी मनोज राय की दौरान विचारण मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।