मुहम्मदाबाद गोहना। विधानसभा चुनाव में जनपद की चारों सीटों पर नामांकन के बाद प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। 2017 में हुए चुनाव के मुकाबले इस बार प्रत्याशियों की संख्या में 29 प्रतिशत की कमी आई है। 2017 में चारों विधानसभा में कुल 60 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन इस 43 प्रत्याशी हैं। सबसे कम संख्या मुहम्मदाबाद गोहना सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र में तो सर्वाधिक प्रत्याशी मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र में है। 2017 के आंकड़ों पर नजर डालें तो मुहम्मदाबाद गोहना सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम आठ प्रत्याशी थे और इस बार भी इतने ही चुनाव लड़ रहे हैं। सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के आलावा अन्य दल और निर्दलीयों की संख्या चार है। घोसी विधानसभा क्षेत्र में कुल 16 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन इस बार यह संख्या घटकर 10 रह गई है। मधुबन विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 22 प्रत्याशी थे लेकिन इस बार यहां 12 प्रत्याशी ही हैं। मऊ सदर विधान सभा में 2017 में कुल 14 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन इस बार 13 प्रत्याशी भाग्य आजमाने मैदान में हैं। जनपद की चारों विधानसभाओं में निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत पर नजर डालें तो यहां मऊ को छोड़ अन्य तीन विधानसभा क्षेत्रों में कभी भी कोई निर्दलीय को सफलता नहीं मिल सकी है। मऊ विधानसभा क्षेत्र में सबसे पहले 1980 में खैरुल बशर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। इसके बाद 2002 और 2007 में लगातार दो बार मुख्तार अंसारी ने निर्दलीय चुनाव जीता। 2012 में वह एक बार खुद की पार्टी कौमी एकता दल से लड़कर चुनाव जीते। इसके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में कभी भी कोई निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका।