मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 05 से 16 वर्ष तक के बच्चों के ज्ञान का सर्वे होगा। एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (एएसईआर) में इस बार गणित और हिंदी के अलावा अंग्रेजी की दक्षता भी परखी जाएगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक की ओर से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के उप शिक्षा निदेशक को पत्र जारी किया गया है। दक्षता परखने की जिम्मेदारी डायट के प्रशिक्षुओं को दी गई है। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय हैं। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के दक्षता परखने की कवायद तेज हो गई है। ग्रामीण बच्चों की पठन, गणितीय दक्षता, अंग्रेजी का सर्वेक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया जाएगा। वर्ष 2018 में हाउस होल्ड सर्वे हुआ था। इसके बाद फील्ड में सर्वे नहीं हो सका। 2021 में फोन से सर्वे किया गया था। प्रशिक्षुओं का 15 से 17 सितंबर तक प्रशिक्षण होगा। वहीं 18 से 19 सितंबर को 30 ग्राम सभाओं में सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे के लिए एक गांव में दो डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रशिक्षु पहले विद्यालय और इसके बाद गांव में घर-घर जाकर बच्चों के हिंदी गणित, अंग्रेजी की दक्षता परखेंगे। सर्वे रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी। अधिकारियों की मानें तो जनपद सहित पूरे प्रदेश में तीन चरणों में सर्वे होना है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन की तरफ से बच्चों के पठन पाठन तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्यकम तय किया जाएगा। सर्वे के लिए नोडल अधिकारी वरिष्ठ डायट प्रवक्ता डॉ. संदीप कुमार राय को बनाया गया है। उप शिक्षा निदेशक डायट विकायल भारती ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के गणितीय और अंग्रेजी की दक्षता का सर्वेक्षण डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं से कराया जाएगा। प्रशिक्षण देने की सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं।