पांच सितंबर को होने वाले घोसी विधानसभा उपचुनाव की जिला प्रशासन ने सभी तैयारी पूरा कर ली है। इसी क्रम में रविवार को पुलिस लाइन स्थित परिसर में समस्त जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा पुलिस एवं सुरक्षा बलों के साथ जिलाधिकारी अरुण कुमार, पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने ब्रीफिंग की।
इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान की प्रक्रिया निष्पक्षतापूर्ण एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएं। उन्होंने कहा कि उप निर्वाचन के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में पुलिस एवं सुरक्षा बल उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार से मतदान के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने उपस्थित पुलिस एवं सुरक्षा बलों को संदेहास्पद लोगों की चेकिंग करने तथा बूथों से 200 मीटर के अंदर अनावश्यक भीड़ जमा न हो, सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि उप निर्वाचन के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में माइक्रो आब्जर्वर की तैनाती की गई है, साथ ही 100 प्रतिशत बूथों पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था भी की गई है।
मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए सभी लोग उन्हें सौंप गए कार्यों का मौके पर पालन कराते हुए चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराएं। ब्रीफिंग के दौरान जो भी निर्देश दिए जा रहे हैं उनका गंभीरता से पालन कराएं। जिलाधिकारी ने सुरक्षा बलों से बूथों पर उचित व्यवहार करने एवं बिना पहचान पत्र के बूथ के आसपास लोगों के दिखने पर उन्हें तत्काल वहां से हटाने का निर्देश दिया।
कहा कि पहचान पत्रों का ठीक ढंग से सत्यापन करते हुए फर्जी मतदान न होने पाए। पिछले निर्वाचनों के अनुभव को देखते हुए जिलाधिकारी ने फर्जी मतदान को रोकने के लिए मतदाताओं के उंगली पर स्याही का निशान ठीक ढंग से लगाने तथा उसके सूखने तक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
ब्रीफिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक ने समस्त पुलिस एवं सुरक्षा बलों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान के उपरांत जब तक ईवीएम स्ट्रांग रूम में जमा नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षाकर्मी पोलिंग पार्टियों के साथ रहेंगे। उन्होंने सभी सुरक्षाकर्मियों को एलर्ट मोड पर रहने, पहचान पत्रों की जांच हेतु मोबाइल एप डाउनलोड कर जांच करने, संदिग्ध वाहनों की चेकिंग करने इत्यादि के भी निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक होने पर 112 नंबर पर डायल कर सहायता लेने को भी कहा।