ब्लाक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का अभाव है। यहां लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों का पद रिक्त है। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच की सुविधा न होने से मरीजों का इलाज भगवान भरोसे हो रहा है। परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सुविधाओं को मुहैया कराने की गुहार लगाई है।लगभग एक दशक पूर्व जब ब्लाक मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा प्रदान किया गया तो क्षेत्र के लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आस जगी लेकिन विभागीय उदासीनता से लोगों के सपने पर ग्रहण लग गया।
हालत यह है कि यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। यहां हृदय रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ सहित विशेेषज्ञ चिकित्सकों का पद रिक्त चल रहा है। काफी समय बीतने के बाद भी अल्ट्रासाउंड तथा एक्सरे मशीन नहीं लग पाई है। गंभीर मरीजों को 18 किमी दूर जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस संबंध में क्षेत्र के रामप्रकाश, जितेंद्र यादव,शिवशक्ति सिंह, बिनोद सिंह,अमर गुप्ता,सूरज का कहना है कि अस्पताल पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से मरीजों का इलाज जैसे-तैसे हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीएचसी स्तर की सुविधा भी बहाल नहीं की जा सकी है।
इस बाबत प्रभारी अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के बहाल कराने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है।