मऊ। छुट्टा पशुओं को पकड़ कर पशु आश्रय स्थलों तक पहुंचाए जाने का शासन का आदेश बेअसर साबित हो रहा है। नगर के मुख्य मार्ग सहित विभिन्न वार्डों में इन्हें घूमते हुए देखा जा सकता है। इनके आपस में भिड़ते रहने से अक्सर सड़क पर भगदड़ की स्थिति हो जाती है। इनकी जद में आकर कई लोग घायल हो चुके हैं। जबकि इनके बीच सड़क पर खड़ा हो जाने से यातायात व्यवस्था पर असर पड़ता है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर चलना खतरे से खाली नहीं है। उधर, अधिकारी इन पशुओं को गो आश्रय स्थल पर भेजे जाने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
नगरपालिका क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग, गाजीपुर तिराहा, जिला अस्पताल मार्ग, आजमगढ़ मोड़, रोडवेज बस स्टैंड, बाल निकेतन, चौक, मिर्जाहादीपुरा, ब्रह्मस्थान, भीटी, मुुंशीपुरा सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर छुट्टा पशुुओं का सड़कों पर जमघट आम बात है। इनके इस तरह घूमने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हालांकि इन छुट्टा पशुओं को पकड़ कर रखने के लिए नगर क्षेेत्र में पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं। 52 पशु आश्रय स्थलों में लगभग 5056 छुट्टा पशु रखे गए हैं। बावजूद इसके पशु सड़कों और गलियों में टहल रहे हैं। कभी यह लोगों के सामान पर हमला बोलते हैं तो कभी आपस में ही भिड़ जाते हैं। इस बाबत अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उमेश सिंह का कहना है कि नगरपालिका क्षेत्र में छुट्टा पशुओं को पकड़ने का काम नगरपालिका प्रशासन का है।
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शीघ्र पशु आश्रय स्थल पर भेजे जाएंगे पशु: ईओ
दोहरीघाट। आवारा पशु गांवों में जहां किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं कस्बे में सड़कों पर छुट्टा पशुओं का जमघट लग जा रहा है। इसके चलते राहगीरों का राह चलना दूभर हो गया है। कहने के लिए तो इन छुट्टा पशुओं के लिए तमाम जगहों पर पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं। नगर पंचायत में भी मल्लाह टोला मुहल्ले में पशु आश्रय स्थल बनाया गया है किंतु अधिकारियों और कर्मचारियों के लापरवाही से यह नाकाफी साबित हो रहा है। इस बाबत अधिशासी अधिकारी नौशाद आलम का कहना था कि जल्द ही अभियान चला कर छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय स्थल भेज दिया जाएगा।