मधुबन। फतहपुर मंडाव विकास खंड क्षेत्र में प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ग्राम सचिवालय की शासनादेश को सचिव ही पलीता लगा रहे हैं। ब्लाक की छह ग्राम पंचायतों के सचिवालय में काम शुरु हुआ है। लेकिन छह से अधिक ग्राम पंचायत ऐसी हैं जहां पंचायत भवन ही नहीं बने हैं। फतहपुर मंडाव विकास खंड क्षेत्र के 78 ग्राम पंचायतों में नेवादा गोपालपुर, सुवाह, लखनौर, भठिया, धर्मपुर विशुनपुर, केशवपुर सुल्तानीपुर, नंदौर में पंचायत भवन नहीं हैं। इसके चलते पंचायत सहायकों को आंगनबाड़ी केंद्र या स्कूल में बैठाने की योजना है। वहीं बाऊंडीह में विवाद के चलते भवन नहीं बन रहा है तो कुंवरपुरवां में आज तक पंचायत भवन का निर्माण ही प्रारंभ नहीं कराया गया है। वहीं बेलौली भोजीपुर में भूमि की अनुपलब्धता के चलते आज तक पंचायत भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। ग्राम पंचायत में ही ग्राम सचिवालय के माध्यम से ग्रामीणों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ग्राम सचिवालय को विकसित करने का आदेश जारी किया है।फतहपुर मंडाव में आलम यह है कि 62 पंचायत सहायक घर बैठे मानदेय उठा रहे हैं तो प्रधान और सचिव मिलकर ग्राम सचिवालय में प्रयोग होने वाले सामानों की सिर्फ आधी अधूरी खरीदारी की गई है। इसमें कई ग्राम सचिवालय के लिए खरीदे गए सामान प्रधानों के घर की शोभा बढ़ा रहे हैं। उधर पंचायती राज विभाग सचिव को पत्र जारी कर अपने दायित्व से मुक्त हो जा रहा है। अधिकारी ग्राम पंचायतों में जाने तक की जहमत नहीं उठाना चाह रहे हैं। एडीओ पंचायत रमेश राम ने बताया कि सभी सचिवों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर पंचायत भवन का निर्माण पूरा करने और सामान खरीदकर ग्राम सचिवालय शुरू करने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।