शहर में जाम से निजात के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है। भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक, गाजीपुर तिराहे से कचहरी गेट तक, आजमगढ़ मोड़ से रोडवेज तक और डीसीएसके कॉलेज से मोड़ तक दिनभर जाम लगता है। जाम में फंसकर लोग परेशान होते हैं। शहर के व्यापारियों और प्रतिष्ठित लोगों का कहना है कि गाजीपुर तिराहे से भीटी तक डिवाइडर बना दिया जाए तो जाम से निजात मिल सकती है। हालांकि डिवाइडर बनाने के लिए सड़क को और चौड़ा करना होगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा शासन को कई बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
जिले में वर्तमान में सभी प्रकार के वाहनों की संख्या साढ़े तीन लाख से अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग शहर में विभिन्न कार्यों से आते हैं। वहीं व्यापार के सिलसिले में पड़ोसी जनपदों के लोग भी आते हैं। ऐसे में शहर में दिनभर रुक रुक कर लगते जाम से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। शहर के भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे और वहां से कचहरी गेट तक की सड़क काफी व्यस्त रहती है। इस सड़क पर प्रतिदिन सुबह साढ़े आठ बजे से 11 बजे और दोपहर 12 बजे से पांच बजे तक जाम लगा रहता है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए कलेक्ट्रेट से सरकारी कार्यालयों तक जाने का यह एकमात्र रास्ता है। इस हाइवे पर भारी वाहन भी चलते हैं। भारी वाहनों से लेकर छोटे वाहन और ई रिक्शा तक आवागमन होता है। सुबह स्कूल खुलने के समय स्कूली वाहनों का तांता लग जाता है। इसके बाद कचहरी जाने वाले वकीलों और वादकारियों के जाने का सिलसिला शुरू होता है। स्कूल और कचहरी बंद होने के समय इस मार्ग पर वाहनों की भीड़ लग जाती है। भीटी से लेकर गाजीपुर कचहरी गेट तक हाईवे की पटरियां उबड़ खाबड़ हो गई हैं। पटरियों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। उनमें कीचड़ और पानी भरा रहता है। पटरियों से ओवरटेक कर कर आगे निकलने की होड़ में अधिकांश वाहन फंस जाते हैं और जाम लग जाता है। इस मार्ग पर जब जाम लगता है तो कचहरी तिराहे से बलिया मोड़ स्टेडियम तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। शहर के लोगों का कहना है कि यदि भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक डिवाइडर बना दिए जाएं तो जाम से निजात मिल सकती है।
हाइवे के चौड़ीकरण के लिए नहीं मिली मंजूरी
जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा बीते साल ताजोपुर से कोपागंज के भदसा मानोपुर तक 17.6 किमी लंबे पुराने हाइवे के चौड़ीकरण के लिए 234.29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। लेकिन शासन स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है। प्रस्ताव के अनुसार ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र, गाजीपुर तिराहा, भीटी, बलिया मोड़ होते हुए भदसा मानोपुर तक फोरलेन सड़क 20 मीटर चौड़ा बनाया जाना है।