दोहरीघाट। सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाकों के लोगों को अभी से बाढ़ आने की चिंता सताने लगी है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के रुख से कस्बा के ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ने का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाकों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है। नदी की लहरें भारतमाता मंदिर की दीवारों पर टक्कर मार रही हैं। नदी के उग्र रुप धारण करने से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर पर खतरा मंडराने लगा है। नदी में बाढ़ की आशंका से लोग चिंतित हैं। गौरी शंकर घाट पर नदी का जल स्तर 68.20 मीटर रहा। रविवार को जल स्तर 68.15 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का खतरा निशान 69.90 मीटर है। नदी के रुख से रोपाई करा रहे तटवर्ती इलाकाें के किसान उहापोह में पड़े हैं।